:
Breaking News

शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी 23650 के नीचे फिसला, वैश्विक तनाव और कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 500 से अधिक अंक टूटा और निफ्टी 23650 के नीचे फिसल गया। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भी बिकवाली का दबाव जारी रहा और लगातार दूसरे दिन निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। शुरुआती कारोबार में ही प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में फिसल गए और निवेशकों की संपत्ति पर दबाव बढ़ गया।

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 525 अंक गिरकर 75,489.84 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 164 अंक से अधिक गिरकर 23,651.35 के नीचे फिसल गया। इससे पहले सोमवार को भी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ था। लगातार दो दिनों की गिरावट ने बाजार की दिशा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान के बाद हालात और बिगड़ गए, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार पर भारी पड़ी है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव की आशंका बढ़ गई है। इसी के साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है, जिसमें एक ही दिन में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए हैं।

रुपये पर भी इसका असर साफ दिखाई दिया और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी दर्ज की गई, जिससे आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

सेक्टोरल असर: आईटी और फाइनेंशियल शेयर सबसे ज्यादा दबाव में

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी और वित्तीय सेक्टर में देखने को मिली। टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक जैसे दिग्गज शेयरों में दबाव रहा। वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयर जैसे भारती एयरटेल और एनटीपीसी में हल्की बढ़त देखने को मिली, जिसने बाजार को आंशिक राहत दी।

वैश्विक बाजार का हाल

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां कुछ बाजारों में गिरावट और कुछ में तेजी दर्ज की गई। जापान और हांगकांग के बाजारों में हल्की मजबूती रही, जबकि चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार दबाव में रहे। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।

निवेशकों के लिए चिंता का माहौल

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम सीधे तौर पर बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव पर नजर रखना अब बेहद जरूरी हो गया है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *